आकाश प्राइम (Akash Prime) भारत की स्वदेशी मध्यम दूरी वाली सतह-से-हवा (Surface-to-Air Missile - SAM) प्रणाली का एक उन्नत संस्करण है। इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है, और भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) द्वारा उत्पादन किया जाता है। यह मूल आकाश मिसाइल सिस्टम का अपग्रेडेड वर्जन है, जो विशेष रूप से उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों (जैसे लद्दाख और हिमालयी इलाके) में दुश्मन के हवाई हमलों, जैसे ड्रोन, फाइटर जेट्स या मिसाइलों को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह "मेक इन इंडिया" पहल का हिस्सा है और भारतीय सेना तथा वायुसेना की हवाई रक्षा को मजबूत बनाता है।
मुख्य विशेषताएं:
- रेंज और ऊंचाई: 25-30 किलोमीटर की रेंज, और 4,500 मीटर (लगभग 15,000 फीट) तक की ऊंचाई पर लक्ष्य को नष्ट करने की क्षमता। यह कम ऑक्सीजन और ठंडे मौसम में भी प्रभावी ढंग से काम करता है।
- सटीकता: स्वदेशी एक्टिव रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सीकर से लैस, जो उच्च गति वाले लक्ष्यों को "फायर एंड फॉरगेट" मोड में सटीकता से मार गिराता है। यह मूल आकाश से 10 गुना अधिक सटीक है।
- लागत: पूरी प्रणाली की विकास लागत लगभग 1,000 करोड़ रुपये (17 मिलियन डॉलर) है, जो अन्य देशों के समकक्ष सिस्टम (जैसे अमेरिकी पैट्रियट) से 8-10 गुना सस्ती है।
- उपयोग: भारतीय सेना की 3rd और 4th आकाश रेजिमेंट में शामिल किया जा रहा है। यह चीन और पाकिस्तान से संभावित हवाई खतरों (ड्रोन, जेट्स) के खिलाफ मजबूत कवच प्रदान करता है।